कुछ अपने विषय में...

 

अब तक दो उपन्यास ‘आतंक के साए में’ (वर्ष 2015) और ‘स्मृतियाँ’ (वर्ष 2013), एवं दर्जन से अधिक कहानियाँ एवं लघुकथाएँ प्रकाशित।

हाल ही में प्रकाशित तीसरा उपन्यास - ‘खट्टे-मीठे से रिश्ते’ (प्रभात प्रकाशन) (जून, 2019)

शीघ्र प्रकाशित होने वाला आगामी उपन्यास - ‘ख़्वाहिशें अपनी-अपनी’ (सामायिक प्रकाशन)

 

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से अंग्रेज़ी साहित्य और संस्कृत साहित्य में ग्रेजुएट, एवं प्राचीन इतिहास में पोस्ट ग्रेजुएट, पत्रकारिता एवं जन-संचार में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा प्राप्त एवं सुप्रसिद्ध फ़िल्मकार कृष्णा शाह की फ़िल्म निर्माण कार्यशाला में दक्षता प्राप्त करने के साथ लगभग 25 वर्षों से विभिन्न विधाओं, प्रिंट, रेडियो, टेलीविज़न, एवं इंटरनेट पर लेखन का अनुभव।

अनेक सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं के लिए लेखन, पटकथा-लेखन, डॉक्यूमेंटरी/ कॉर्पोरेट/विज्ञापन आदि फ़िल्मों का निर्देशन, जिनमें प्रमुख हैं- फ़िल्म्स डिवीज़न, दूरदर्शन, एन.ऍफ़.डी.सी., गृह मंत्रालय, यू.एन.डी.पी., यू.एन.एड्स, डिस्कवरी चैनल, इग्नू, उपभोक्ता एवं खाद्य मंत्रालय, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, बी.पी.आर.एन.डी., एन.आई.ओ.एस, आदि।

संस्कृति मंत्रालय के विभिन्न ऐतिहासिक संग्रहालयों में लेखन एवं बतौर कंसलटेंट कार्य।

विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं, जैसे साहित्य अमृत, दैनिक जागरण, जागरण सखी, प्रकृति दर्शन, पंजाब केसरी, मल्टीवर्सिटी, पुणे आदि, एवं ऑनलाइन पोर्टल, जैसे सिर्फ़न्यूज़, युवाप्रवर्तक, लघुकथा.कॉम, आदि के लिए नियमित रूप से कहानियों, लेख आदि का लेखन।

अनेक संस्थाओं के लिए विभिन्न विधाओं में मौलिक लेखन एवं अनुवाद के कार्य में संलग्न।

 

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